Sun, 12 Jun 2022

मंडी भाव 12 जून 2022: सरसों ग्वार में गिरावट, देखें अन्य फसलों के हाजिर दाम

मंडी भाव 12 जून 2022: सरसों ग्वार में गिरावट, देखें  अन्य फसलों के हाजिर दाम

Mustard Price Today: किसान साथियो पिछले चार दिन से सरसों के भाव में चल रही तेजी पर गुरुवार को ब्रेक लगता दिखाई दिया। हालांकि अभी सरसों किसानों के लिए कोई डरने वाली बात नहीं है।

तीन चार दिन की लगातार तेजी के बाद करेक्शन आना आम बात है। हालांकि सरसों पर दबाव बनाने के लिए सरकारी दखल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस रिपोर्ट में हम सरसों के भाव में आगे बन रही संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे

ताजा मार्केट अपडेट

किसान साथियो बढ़ी हुई कीमत पर तेल मिलों की मांग कमजोर होने से गुरूवार को उत्पादक मंडियों में सरसों के भाव 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने खाद्य तेलों की समीक्षा के लिए मीटिंग की। इस मीटिंग में क्या फैसला लिया गया इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पायी है।

फ़ैसला चाहे जो भी लिया गया हो जाहिर सी बात है यह आम जनता के लाभ के लिए होगा लेकिन सरसों किसानो के लिए समस्या जरूर खड़ी करेगा। यही कारण रहा कि जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव सुबह के सत्र में तेजी आने के बावजूद शाम के सत्र में 100 रुपये घटकर 7,100 से 7,125 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हालांकि आवक में कोई बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली और सरसों की दैनिक आवक 3.50 लाख बोरियों के पूर्वस्तर पर स्थिर बनी रही।

दुनिया के एक बड़े उपभोक्ता चीन से भी अच्छी खबर नहीं है। खबर है कि कोविड 19 के बढ़ते मामलों के कारण चीन के शंघाई और बीजिंग जोकि सबसे बड़े आर्थिक केंद्र हैं, वहां कुछ हिस्सों में नए लॉकडाउन प्रतिबंध लगाने से पॉम तेल का आयात प्रभावित होगा। इसके अलावा चीन की राजधानी में सघन आबादी वाले क्षेत्रों में मनोरंजन स्थल बंद कर दिए गए हैं।

सरसों की आवक

जहां तक आवक का सवाल है सरसों की दैनिक आवक कई दिनों से स्थिर चल रही है। देशभर की मंडियों में गुरूवार को भी सरसों की दैनिक आवक 3.50 लाख बोरियों की ही हुई राज्यवार सरसों की आवक इस प्रकार से रही:-

सरसो आवक सम्पूर्ण भारत

राजस्थान आवक 170000 बोरी
मध्य प्रदेश आवक 20000 बोरी
उत्तर प्रदेश आवक 60000 बोरी
हरियाणा&पंजाब आवक 40000 बोरी
गुजरात आवक 10000 बोरी
अन्य आवक 50000 बोरी
कुल आवक 350000 बोरी

किसान कर सकते हैं तेजी का इन्तजार

किसान साथियो जिस तरह से सरसों के भाव पर दबाव बन रहा है ऐसा लगता है कि एक दो दिन बाजार में मन्दी का माहौल देखने को मिले। हालांकि ओवर ऑल तस्वीर में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं है। इंडोनेशिया से आए दिन कुछ ना कुछ खबर आती रहती है। इसका प्रभाव भी इतना लंबा नहीं चलता। खाद्य तेलों की कमी विश्व भर मे बनी हुई है है एक दो दिन के करेक्शन के बाद बाजार के फिर से उपर आने की संभावना है।

एक दो दिन की मंदी से इतना डरने की आवश्यकता नजर नहीं आती। इसलिए थोड़ा इन्तजार करना आपको फायदा दिला सकता है। दिया गया विश्लेषण प्राप्त जाकारी के आधार पर है व्यापार अपने विवेक से करने की सलाह दी जाती है।