Tue, 14 Dec 2021

हरियाणा सरकार के वित्तायुक्त पीके दास एक्शन मोड़ में

हरियाणा सरकार के वित्तायुक्त पीके दास एक्शन मोड़ में हरियाणा सरकार के वित्तायुक्त पीके दास एक्शन मोड़ में हैं क्योंकि हरियाणा में एक मामला काफी तूल पकड़ रहा है. दरअसल, हरियाणा की गजब सरकार के अजब हाल है….पता चला है कि हरियाणा के सभी 22 जिलों में डीआरओ, 94 तहसील में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ साथ 49 उप तहसीलों में तैनात नायब तहसीलदार सरकार को अपनी संपत्ति का ब्यौरा ही नहीं दे रहे हैं।
हरियाणा सरकार के वित्तायुक्त पीके दास एक्शन मोड़ में
दरअसल जमीनों और बाकी संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को लेकर इनमें से अनेक पर उंगलियां उठती रहती हैं। इन्होंने सरकार को 2020- 21 में भरी अपनी आयकर रिटर्न की कॉपी अभी तक नहीं सौंपी है। इन अधिकारियों को बार-बार स्मरण पत्र भी भेजे गए, लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब 10 दिन में अगर ये अफसर सरकार को अपनी आईटीआर नहीं भेजते हैं, तो इन्हें चार्जशीट कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने की तैयारी सरकार कर रही है..राजस्व औऱ आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने सभी डीसी को इस बारे में चिट्ठी लिखी है। इसकी प्रति डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भी भेजी गई है।
हरियाणा सरकार के वित्तायुक्त पीके दास एक्शन मोड़ में
जिसमें चेताया गया है कि समय रहते अपनी संपत्ति से जुड़ा ब्योरा और आईटीआर की कॉपी जमा करवाए और इस चिट्ठी में दिए गए समय को ही आखिरी मोहलत माना जाए। आपको बता दें कि सरकार ने रजिस्ट्री की व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाया है, उसके बावजूद भ्रष्टाचार के लिए अफसर कोई ना कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान हुई रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी के बड़े आरोप लग चुके हैं। जिसमें लगभग 250 अधिकारियों-कर्मचारियों के उपर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है.. इन पर कार्रवाई को लेकर फैसला सरकार स्तर पर विचाराधीन है। इसी वजह से अब सरकार का माथा ठनका है।   अब सरकार इनकी 2020-21 की आयकर रिटर्न का अध्ययन कर देखेगी कि एक साल में इनकी संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है। जिनकी संपत्ति आय से अधिक निकली, उनके खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लेकिन बड़ी बात आखिर यही है कि क्यों सरकार की बात को हरियाणा में अफसर हलके में ले रहे है..क्या सीएम मनोहर लाल के अफसर बेलगाम हो चुके है…जब ये बेलगाम अफसर सरकार की बातों को अनसुना कर सकते है तो आम जनता तो फिर रामभरोसे ही है.