Sat, 12 Jun 2021

सबवे(Subway) रेस्टोरेंट की अजब कहानी के गजब राज, जाने

सबवे(Subway) रेस्टोरेंट की अजब कहानी के गजब राज, जाने

सबवे रेस्टोरेंट खाने की दुनिया का एक ऐसा नाम जिससे आज हर कोई परिचित है फिर वह बेशक खाने के शौकीन हों या फिर नहीं पर लोगों के दिलों तक पहुंचने के लिए कंपनी के मुख्य कर्मचारियों ने बेहिसाब मेहनत की है और उन्हें प्रयासों के दौरान कई बार नकारात्मक परिणाम भी प्राप्त हुए हैं| आइये जानते हैं सबवे की शरुआत से अंत तक का सफर कि कैसे एक लड़के ने छोटी सी सैंडविच की दुकान को एक ब्रैंड का रूप दिया|

सबवे की शुरुआत, फ्रेड डेलुका के साथ
आज विश्व में सबसे बड़ी रेस्टोरेंट चैन के नाम से मशहूर सबवे का जन्म तकरीबन 53 साल पहले फ्रेड डेलुका नामक व्यक्ति द्वारा हुआ था| जी हाँ फ्रेड ही थे जिन्होंने सबवे की नींव रखी थी|
फ्रेड का जीवन
फ्रेड का जन्म किसी धनी परिवार में नही हुआ था, उनके पास इतने भी पैसे नहीं हुआ करते थे कि वह अपना खर्चा भी उठा सकें| लेकिन ऐसी कठिन भरी परीस्थितयों के बावजूद भी अपनी लाख कोशिशों और सकारात्मक सोच के साथ चलकर उन्हों ने 45000 से अधिक फ्रेंचाइजी वाले रेस्टोरेंट का निर्माण किया है|

सबवे(Subway) रेस्टोरेंट की अजब कहानी के गजब राज, जाने

फ्रेड ने बचपन के सपने को टाला
फ्रेड ने अपनी जिंदगी के सबसे पहले सैंडविच एक छोटी सी दुकान से बनाने शुरू किये थे| असल में फ्रेड बचपन से एक बेहतरीन डॉक्टर बनना चाहते थे पर आर्थिक तंगी के चलते वह ऐसा नहीं कर पाये क्योंकि डॉक्टरी शिक्षा प्राप्त करने के लिए बहुत से धन की आवश्यकता थी जो की फ्रेड के पास नहीं था| पैसों की तंगी से जूझ रहे फ्रेड को देख कर उनके एक करीबी दोस्त पीटर ने उन्हें एक हजार डॉलर दिए और एक छोटी सी दुकान खोलने की सलाह दी| जिससे फ्रेड कुछ पैसे कमा सके और अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर सके| पर कुछ समय के लिए फ्रेड को पढ़ाई से दूरी बनाना उचित लगा और उन्हों ने अपने बचपन के सपने पर कुछ समय के लिए विराम लगा दिया |

फ्रेड द्वारा पहले सैंडविच बने यहां
दरअसल पीटर ने उन्हें जो एक हजार डॉलर दिए थे उससे उन्हों ने निवेश करते हुए एक रेस्टोरेंट खोलने का निर्णय लिया जहां वे अच्छे और सस्ते फास्ट फूड बेच सकें| इसी मजबूत इरादे के साथ उन्होंने 28 अगस्त 1965 को एक सैंडविच स्टोर खोला था जिसका नाम उन्हों ने “पीटर सुपर सबमरीन” रखा था| पर कुछ कारणों से फ्रेड को अपने स्टोर का यह नाम बदलना पड़ा क्योंकि उस रेस्टोरेंट का नाम किसी “पीज्जा मरीन” से काफी मेल खाता था|

फ्रेड की विफलता, पहला रेस्टोरेंट
फ्रेड ने कुछ महीने बीतने के बाद यह विश्लेषण किया कि उनका स्टोर नुकसान की और जा रहा है पर इस विफलता के बावजूद उन्होंने ने स्टोर बंद नहीं किया बल्कि एक और रेस्टोरेंट खोल दिया था| इस रेस्टोरेंट के साथ फ्रेड ने लम्बा वक्त बिताया|

फ्रेड को मिली पहली सफलता, दूसरा रेस्टोरेंट
फ्रेड द्वारा खोले गए दूसरे रेस्टोरेंट के परिणाम बेहद अच्छे तो नहीं थे पर उनका हौसला बढ़ाने के लिए काफी थे| इस रेस्टोरेंट से फ्रेड को केवल 6 डॉलर का फायदा हुआ था|
फ्रेड का तीसरा सफल रेस्टोरेंट, नाम रखा सबवे ( SUBWAY)
फ्रेड के बुलंद होसलें थमने का नाम नहीं ले रहे थे जिस के चलते उन्होंने 1968 में एक तीसरा रेस्टोरेंट खोल दिया जिसका नाम रखा गया सबवे| इस रेस्टोरेंट के शुरूआती परिणाम ही सफलता की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे| सबवे से फ्रेड को जो पहली बार कमाई हुई थी वह सात हजार डॉलर की थी| एक अच्छे मुनाफे को नजर में रखते हुए फ्रेड ने सबवे की फ्रेंचाइजी शुरू की| अब सबवे को लोगों द्वारा काफी लोकप्रियता मिलने लगी थी| इसके बाद फ्रेड ने पीछे मुड़ के नहीं देखा था और वर्ष 1978 तक सबवे ने करीब 100 स्टोर खोल दिए| यह आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ता रहा और 1987 तक यह संख्या एक हजार तक पहुंच गयी|

भारत में सबवे ने रखे कदम
दुनिया भर में अपना जलवा बिखेरने के बाद फ्रेड के सफल प्रयासों की पहली झलक भारत में 2001 में दिखी| वर्तमान की बात करें तो अब भारत के 68 छोटे बड़े शहरों में करीब करीब 591 सबवे के रेस्टोरेंट खुल चुके हैं|
फ्रेड ने की पढ़ाई पूरी
सबवे की कमाई अब सातवें आसमान पर थी| फ्रेड को पढ़ाई करने की कोई आवश्यकता नहीं थी पर उन्होंने 2002 में कॉलेज जाने का सपना पूरा किया| फ्रेड
ने ब्राइड पोर्ट नामक युनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की|

वर्तमान में सबवे का सीईओ
फ्रेड ज्यादा लम्बी समय तक सबवे के साथ जिंदगी नहीं बिता पाये| 2015 में ल्यूकेमिया नामक बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया था जिसके बाद सबवे का जिम्मा उनकी बहन ने संभाला और अब फ़िलहाल सुनैन सबवे की सीईओ हैं|

फ्रेड की सफलता का कारण उनकी आपने काम के प्रति लग्न है और उनका दोस्त पीटर है| फ्रेड ने सबवे को इस मुकाम तक लाने के लिए दिन रात एक किये हैं| परिणामस्वरूप आज सबवे दुनिया की सबसे बड़ी रेस्टोरेंट चेन है|