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जान लें आज, श्रीमद्भगवत गीता का सार, जीवन में आएंगे बदलाव

हिन्दू धर्म का वह ग्रंथ है गीता geeta जिसे ब्रह्मांड के रचयिता भगवान श्री कृष्ण shree krishna ने खुद कुरुक्षेत्र की धरती पर महाभारत के युद्ध के समय अर्जुन को वास्तविक जीवन से अवगत करवाया था| तो अगर कलयुग का भटका हुआ मानव इस पूजनीय ग्रंथ की कुछ बातें भी अपने जीवन में उतारले तो उसके जीवन की हर समस्या चुटकियों में दूर हो जाएगी| वह धरती पर ही स्वर्ग की प्राप्ति महसूस करने लगेगा|

श्रीमद्भगवत गीता  geeta  में कुल 18 अध्याय है और 700 श्लोक हैं| इनमें जो बातें कृष्ण जी द्वारा कही गयी हैं, वह सुख, शांति, और समृद्धि पूर्ण जीवन बनाने के मूल मंत्र हैं| आइए जानते हैं जीवन को सुलभ बनाने की 10 बातें जो कुछ इस प्रकार हैं:-

1) इंसान का धर्म?

geeta  गीता में बताया गया है कि कर्तव्य ही इंसान का धर्म है| भगवान कहते हैं कि अपने कर्तव्य को पूरा करने में कभी भी लाभ-हानि का विचार नहीं करना चाहिए| इंसान की पहचान उसके धर्म से नहीं है बल्कि उसके द्वारा किये गए अच्छे व बुरे कामों से है|

2) इंसान के विनाश का कारण क्रोध

जीवन में कैसी भी मुश्किलों से, चुनौतियों से भरी परिस्थिति क्यों ना आ जाये पर इंसान को कभी क्रोध नहीं करना चाहिए| बल्कि धैर्य रख कर उस समस्या का समाधान निकालने में ही उसकी भलाई है| क्रोध से भ्रम पैदा होता है और मनुष्य की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है| इंसान विनाश की राह में चलने लगता है|

3) चंचल मन पर नियंत्रण

इंसान के व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि उसका मन बड़ा चंचल किस्म का होता है| जिस पर नियंत्रण करना बहुत ही मुश्किल भरा काम लगता है पर इस पर नियंत्रण करना बहुत ही जरूरी है| मन की वजह से इंसान दुनिया की चकाचौंध का शिकार होता है| परिणामस्वरूप अंत में उसे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है|

4) सकारात्मक सोच का निर्माण

geeta  गीता सिखाती है की इंसान को सकारात्मक सोच का निर्माण करना चाहिए है| यह सफल इंसान का प्रमुख गुण है, जिससे वह हर परिस्थिति में खड़े रहने के लिए उतारु रहता है|

5) आत्म मंथन को बनाये जीवन का हिस्सा

geeta गीता में बताया गया है कि इंसान को आत्म मंथन करना चाहिए| यह मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र है और सबसे बेहतरीन हथियार भी|

6) आत्मविश्वास बेहद जरूरी

गीता में कृष्ण जी ने अर्जुन को जो उपदेश दिए थे| उन उप देशों में बताया गया था कि व्यक्ति में आत्मविश्वास का होना बेहद जरूरी है| आत्मविश्वास की सहायता सी ही इंसान आधी बाज़ी जीत लेने में सफल हो जाता है|

7) धैर्य का होना महत्वपूर्ण

गीता अनुसार मनुष्य अपने जीवन में अनेक प्रयासों के चलते अपना काम करता है और उस काम के प्रति परिणाम की प्राप्ति भी तुरंत चाहता है| पर धैर्य के बिना जो निष्कर्ष निकलता है वह अज्ञानी होने का सकेंत देता है| इसलिए गीता सिखाती है की इंसान के जीवन में धैर्य का होना बहुत महत्वपूर्ण है|

8) शिष्टाचार और सदाचार

गीता में कृष्ण जी कहते हैं कि मनुष्य को अपना जीवन शिष्टाचार और सदाचारी रूप से जीना आना चाहिए| यह एक गुणी इंसान की पहचान है|

9) तनावमुक्त जीवन जीना जरूरी

भगवान कहते क्यों चिंता करते हो, किस बात का डर सता रहा है| जितना जीवन इस पृथ्वी पर गुज़ार रहे हो मुस्करा कर, तनाव को दूर रख कर गुज़ारो केवल कर्म करो| यह शरीर एक दिन पृथ्वी के पांच तत्वों में जल, वायु, अग्नि, पानी और गगन इन्ही में मिल जायेगा | गीता इंसान को तनावमुक्त जीवन जीना सिखाती है|

10) मृत्यु जीवन का परिवर्तन

गीता अनुसार परिवर्तन ही संसार का नियम है| जिसे इंसान मृत्यु समझता है| इसको इंसान को अपनाना चाहिए| ना कि किसी को अपशब्द कह कर अपना और उसका मन दुखाना चाहिए| गीता अनुसार इंसान को संसार के परिवर्तन को अपनाना चाहिए|

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