Mon, 20 Jun 2022

Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल पर 25 से 18 रुपये तक घाटा, राहत भरा सोमवार

Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल पर 25 से 18 रुपये तक घाटा, राहत भरा सोमवार

Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट (Petrol-diesel price) जारी कर दी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी  के कारण डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 20 से 25 रुपये और पेट्रोल पर 14 से 18 रुपये के घाटे के बावजदू आज दोनों ईंधनों के दाम  में राहत है।  दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल ₹96.72 लीटर है तो डीजल 89.62 रुपये लीटर के हिसाब से बिक रहा है। वहीं, सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 84.10 रुपये है और डीजल ₹79.74 लीटर है। यानी आज लगातार 27वें दिन भी राहत है।

जानिए आपके शहर के रेट?

-- लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.76 रुपये लीटर
-- पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये लीटर और डीजल 94.04 रुपये 
-- भोपाल में पेट्रोल 108.65 रुपये और डीजल 93.90 रुपये लीटर
-- पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये लीटर
-- दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये लीटर
-- मुंबई में पेट्रोल 111.35 रुपये और डीजल 97.28 रुपये लीटर
-- कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये लीटर
-- चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये लीटर
--परभणी  में पेट्रोल  114.38 और डीजल    98.74 रुपये लीटर बिक रहा है।
--श्रीगंगानगर  में आज पेट्रोल  113.49 रुपये और डीजल   98.24 रुपये लीटर बिक रहा है।
--जयपुर में पेट्रोल    108.48 रुपये और  डीजल  93.72 रुपये लीटर बिक रहा है।

कंपनियां कर रहीं रेट बढ़ाने की मांग

कुछ कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को इस बारे में पत्र लिखा है और सरकार से एक व्यवहार्य निवेश वातावरण बनाने के लिए कदम उठाने की मांग की है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) ने 10 जून को पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान से खुदरा कारोबार में निवेश सिमट जाएगा। एफआईपीआई निजी क्षेत्र की कंपनियों के अलावा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) को अपने सदस्यों में गिनता है।

कच्चे तेल और इसके उत्पादों की कीमतें एक दशक के उच्चतम स्तर पर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और इसके उत्पादों की कीमतें एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, लेकिन सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने पेट्रोल और डीजल कीमतों को 'फ्रीज' किया हुआ है। पेट्रोल और डीजल के लिए खुदरा बिक्री मूल्य में नवंबर, 2021 की शुरुआत और 21 मार्च, 2022 के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद रिकॉर्ड 137 दिन तक कोई वृद्धि नहीं हुई थी। 22 मार्च, 2022 से खुदरा बिक्री मूल्य को 14 मौकों पर प्रतिदिन औसतन 80 पैसे प्रति लीटर की दर से बढ़ाया गया, जिससे पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई।

कच्चा तेल एक डॉलर महंगा होने पर 8000 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ जाता है

कच्चा तेल एक डॉलर महंगा होने पर 8000 करोड़ रुपये का बोझ भारतीय तेल कंपनियों पर पड़ता है। अक्तूबर 2014 के बाद कीमत रिकार्ड स्तर पर हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढने के बावजूद कीमत स्थिर रही थी। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु चुनाव के दौरान भी दाम स्थिर रहे थे। पश्चिम बंगाल चुनाव के वक्त 27 फरवरी से 23 मार्च तक पेट्रोल के दाम 91.17 रुपए और डीजल की कीमत 81.47 पर स्थिर रही थी। जबकि, इस दौरान कच्चा तेल मंहगा हुआ था।