Fri, 10 Jun 2022

Prophet Remarks Row: 'जुमे की नमाज' पर हिंसा का था 'खुफिया' अलर्ट देखे

Prophet Remarks Row: 'जुमे की नमाज' पर हिंसा का था 'खुफिया' अलर्ट देखे

मोहम्मद पैगंबर पर विवादित टिप्पणी के बाद शुक्रवार को 'जुमे की नमाज' के दिन देश के कई हिस्सों में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली। पुलिस पर पथराव किया गया। इसमें सामान्य लोगों के अलावा कई पुलिस कर्मी और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान घायल हुए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्ती दिखाते हुए हिंसा वाले राज्यों से रिपोर्ट तलब की है। रांची में शुक्रवार को नमाज के बाद जो हिंसक प्रदर्शन हुआ, उस पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें कई लोग घायल हो गए। एक व्यक्ति के मारे जाने की भी खबर है। आईबी के सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार की नमाज को लेकर राज्यों को विशेष अलर्ट जारी किया था। इसके बाद भी हिंसा हो गई। यह हिंसा एकाएक नहीं हुई, बल्कि ये एक प्री-प्लान उपद्रव था। 

आईबी ने राज्यों को पहले ही दी थी जानकारी

सूत्रों के अनुसार, आईबी ने राज्यों को विशेष अलर्ट जारी कर दिया था। इसमें आगजनी एवं पथराव की बात कही गई थी। राज्यों को मजबूत सुरक्षा प्रबंध करने की हिदायत दी गई। इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में हिंसक वारदात हुई हैं। झारखंड प्रदर्शनकारियों ने रांची पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस अधीक्षक समेत अनेक पुलिसकर्मी घायल हो गए। बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन, जो कि रांची में मौजूद थे, उपद्रवियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया गया। सामान्य लोगों ने जब उपद्रवियों से बचने के लिए महावीर मंदिर में छिपने का प्रयास किया तो वहां भी पथराव किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस, मस्जिद के आसपास ड्रोन से निगरानी कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद पथराव को नहीं रोका जा सका। पथराव करने वालों में नाबालिगों से लेकर अधेड़ आयु वाले शामिल रहे। 

इस तरह की जाएगी कार्रवाई

केंद्रीय गृह मंत्रालय और यूपी पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जुमे के नमाज के दिन जिन लोगों ने उपद्रव किया है, वे बख्शे नहीं जाएंगे। सीसीटीवी एवं ड्रोन के जरिए उनकी पहचान होगी। उसके बाद उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। ऐसे युवा जो इस उपद्रव में शामिल होंगे, उनके बारे में यह भी पता लगाया जाएगा कि वे कहां पढ़ रहे हैं, उन्होंने केंद्र या राज्य में किस नौकरी के लिए आवेदन किया है, क्या उनका कहीं पर साक्षात्कार है, आदि बातें रिपोर्ट में लिखी होंगी। 

जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर लिया जाएगा एक्शन

सूत्रों का कहना है कि जो कार्रवाई जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों के खिलाफ होती है, वैसी ही यूपी और दूसरे राज्यों में होगी। पत्थरबाजी में शामिल युवाओं को अब उसका बड़ा खमियाजा भुगतना पड़ सकता है। बिहार में नवादा के सद्भावना चौक पर उग्र प्रदर्शन हुआ है। रांची रोड को पूरी तरह जाम कर दिया गया। गत शुक्रवार को नवादा के अलावा कानपुर में हिंसा हुई थी। प्रयागराज, मुरादाबाद, सहारनपुर, बिजनौर व दूसरे इलाकों में पथराव और आगजनी हुई है। 

अलर्ट मोड पर सीएम योगी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हिंसा से प्रभावित इलाकों की मॉनिटरिंग की जाएगी। खासतौर से प्रयागराज में कई तरीकों से उपद्रवियों तक पहुंचा जाएगा। केंद्रीय एजेंसियां और लोकल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस उपद्रव के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। कई स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उपद्रव न करने की अपील की थी। वह अपील सोशल मीडिया पर भी दिखाई पड़ी। हालांकि जुमे की नमाज के तुरंत बाद उनकी वह अपील पूरी तरह बेअसर नजर आई। हालत बेकाबू होते चले गए। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस उपद्रव में किसी पार्टी विशेष के लोगों का हाथ तो नहीं है।