Wed, 27 Jul 2022

गैंगस्टर गोगी से रिमांड पर हुई पूछताछ में खुलासा, इसके इशारे पर मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी ​​​​​​

गैंगस्टर गोगी से रिमांड पर हुई पूछताछ में खुलासा,  इसके इशारे पर  मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी

रोहतक। तीन हत्या तथा चार हत्या का प्रयास करने जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले सिर्फ 23 साल के लोकेश उर्फ़ गोगी की कल 5 दिन की रिमांड अवधि पूरी हो गई। इसके बाद पुलिस ने दो दिन की और रिमांड मांगी जिसे मंजूर कर लिया गया। गैंगस्टर गोगी से पूछताछ में अभी और भी खुलासे होने बाकी हैं।

प्रमोटेड कंटेंट

पूछताछ में रोहतक में प्रॉपर्टी डीलर से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में भी बड़ा पर्दाफाश हुआ है। अभी तक इस मामले में गोगी का नाम सामने आ रहा था, जिसने फोन कर प्रॉपर्टी  डीलर जयपाल पांचाल से रंगदारी मांगी थी, लेकिन सीआइए-1 के हत्थे चढ़े लोकेश उर्फ गोगी से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पूछताछ में सामने आया है कि लोकेश उर्फ गोगी ने मोखरा गांव के रहने वाले प्रवीण उर्फ दादा के कहने पर एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी।

बता दें प्रवीण उर्फ दादा पर कई संगीन मामले दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर आया हुआ है। वह भी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।  प्रवीण उर्फ दादा ने ही लोकेश उर्फ गोगी को कहा था कि प्रॉपर्टी डीलर के पास मोटी रकम है, जिससे एक करोड़ की रंगदारी लेकर आपस में बांट लेंगे। इसके बाद लोकेश ने ही करीब ढाई माह पहले प्रॉपर्टी डीलर को रंगदारी के लिए फोन किया था।

इन दोनों के अलावा इस मामले में सुनारिया गांव के नकुल की भूमिका भी सामने आई है। अभी तक हुई जांच में पता चला है कि एक जुलाई को प्रॉपर्टी डीलर को जान से मारने की नीयत से जो फायरिंग की गई थी उसमें लोकेश गोगी और नकुल शामिल थे। दोनों बाइक पर आए थे और फायरिंग की थी। दरअसल, सीआइए-1 प्रभारी अनेश मल्हान की टीम ने 21 जुलाई को 25 हजारी इनामी बदमाश लोकेश उर्फ गोगी को गिरफ्तार किया था।

सीआइए-1 की टीम ने लोकेश गोगी को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था, लेकिन इस मामले प्रवीण उर्फ दादा और नकुल का नाम सामने आने के बाद दो दिन का रिमांड बढ़वाया गया। जिससे इन दोनों आरोपितों पर भी शिकंजा कसा जा सके। आरोपितों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक वह हाथ नहीं आए हैं। गौरतलब है कि कच्चा चमारिया रोड निवासी प्रोपर्टी डीलर जयपाल पांचाल पर एक जुलाई को फायरिंग कर दी गई थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था।

लोकेश उर्फ गोगी से पूछताछ में यह भी पता चला है कि वह ऐसे युवाओं की तलाश में रहता था जो बेरोजगार हो। उन युवाओं से संपर्क कर उन्हें लग्जरी लाइफ जीने के ख्वाब दिखाता था। इसके बाद उन युवाओं को अपने गिरोह में शामिल कर लेता था। पुलिस गिरोह की जड़ों को खंगाल रही है, जिससे गिरोह से जुड़े हर आरोपित को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

सीआइए-1 के जांच अधिकारी एएसआइ संत कुमार ने कहा कि एक करोड़ की रंगदारी के मामले में मुख्य आरोपित प्रवीण उर्फ दादा है, जिसके कहने पर लोकेश गोगी ने रंगदारी मांगी थी। प्रवीण उर्फ दादा फिलहाल कई अन्य मामलों में जमानत पर आया हुआ है। रंगदारी के केस में वह फरार चल रहा है। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।