Fri, 10 Jun 2022

बेतिया में कुचलकर बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक; गाड़ी पर जिला प्रशासन का लगा था बोर्ड

बेतिया में कुचलकर बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक; गाड़ी पर जिला प्रशासन का लगा था बोर्ड

पश्चिम चंपारण के महना-लोहियरिया पथ पर बड़हिया टोला के पास शुक्रवार की शाम करीब पौने पांच बजे जिला प्रशासन के बोर्ड लगे वाहन से कुचलकर मिनहाज आलम (6) की मौत हो गयी। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पीछाकर एक वाहन में सवार डीआरडीए के निदेशक सुजीत वर्णवाल, प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर प्रतीक कुमार और उनके वाहन चालक को घेरकर बंधक बना लिया।

दो घंटे तक तीनों लोग बंधक बने रहे। एसडीपीओ मुकुल परिमल पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है। दोनों अधिकारी सकुशल मुख्यालय लौट आए हैं। पीड़ित परिवार की शिकायत पर दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी। 

मृतक के परिजनों ने बताया कि मिनहाज सड़क से सटे अपने दरवाजे के पास आम खा रहा था। इसी बीच उसे वाहन ने कुचल दिया। उस वक्त एक साथ तीन वाहन वहां से गुजर रहे थे।  पहले वाहन की चपेट में मिनहाज आ गया। उसके बाद पीछे से आ रहे दोनों वाहनों ने उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार तीनों सरकारी वाहन थे, जो चनपटिया की तरफ से बेतिया लौट रहे थे। वाहन तेजी से बेतिया के तरफ जाने लगे। ग्रामीणों ने पीछा कर एक वाहन को पकड़ लिया जिसमें डीआरडीए के निदेशक व प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर सवार थे। इन दोनों के साथ ड्राइवर को भी ग्रामीणों ने अलग-अलग कमरे में बंद कर दिया। 

टना के बाद तनाव और वरीय अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर चनपटिया, कुमारबाग, गोपालपुर, मनुआपुल, एससीएसटी थाना व बेतिया पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। सदर एसडीपीओ मुकुल परिमल पांडेय एवं प्रशिक्षु डीएसपी सद्दाम हुसैन, एसडीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों एवं ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। 

पांच लाख मुआवजा व इंदिरा आवास देने का आश्वासन

आक्रोशित लोग लगातार मांग कर रहे थे कि मृतक के परिवार को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए। घटनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। लोग गाड़ी को तोड़ने की बात कह रहे थे। उस वक्त चनपटिया थाना के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे थे। भीड़ उनके वश से बाहर थी। बाद में एसडीपीओ समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। इन अधिकारियों को आक्रोशितों को शांत कराया और कहा कि दुर्घटना में मौत हुई है। जिसकी लापरवाही है उसको चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। हंगामा से कोई फायदा नहीं होगा। तब लोग मुआवजे की मांग करने लगे। 

अधिकारियों ने उन्हें कहा कि पीड़ित परिवार को इंदिरा आवास का लाभ दिलवाया जाएगा। पांच लाख का मुआवजा देने के लिए प्रखंड स्तर से कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण पेंशन की मांग करने लगे। तब अधिकारियों ने कहा कि यह संभव नहीं है। उसके बाद ग्रामीणों ने मांग रखी कि चालक पर एफआईआर दर्ज की जाए। अधिकारियो ंने कहा कि एफआईआर होगी। तब शाम सात बजे दोनों अधिकारियों और चालक को ग्रामीणों ने मुक्त किया। 

बच्चे की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

जिला प्रशासन के काफिले में शामिल वाहन से 6 वर्षीय मिनाज की मौत के बाद उसके परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम छा गया है। हर कोई घटना को लेकर स्तब्ध रहा। मिनाज दो भाई और दो बहनों में तीसरे स्थान पर था। वह घर के बाहर सड़क किनारे आम खा रहा था, तभी तेज रफ्तार जिला प्रशासन के काफिले में शामिल वाहन ने उसे कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देर शाम पुलिस प्रशासन के समझाने बुझाने के बाद जाम हटा। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया।