Fri, 24 Jun 2022

बाल ठाकरे से मिलने के लिए बहू देती थी इजाजत: CM उद्धव ठाकरे के विधायक पार्टी से बगावत करते हुए कह रहे हैं कि

 बाल ठाकरे से मिलने के लिए बहू देती थी इजाजत: CM उद्धव ठाकरे के विधायक पार्टी से बगावत करते हुए कह रहे हैं कि

महाराष्ट्र में चल रही सियासी हलचल से राज्य में बनी शिवसेना सरकार हिल गई है। महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे के विधायक पार्टी से बगावत करते हुए कह रहे हैं कि ये शिवसेना अब बाल ठाकरे के समय की पार्टी नहीं रही।

शिवसेना पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे अपने घर की महिलाओं की बात काफी सुनते थे। वे राजनीति में उनकी राय भी लेते थे। एक समय ऐसा था जब बाल ठाकरे से मिलने के लिए उनकी बहू स्मिता ठाकरे से लोगों को परमिशन लेनी पड़ती थी। पढ़िए ठाकरे परिवार की पांच दमदार महिलाओं के बारे में जो कभी राजनीति तो कभी कॉन्ट्रोवर्सी की वजह से खबरों में बनी रहीं।

बाल ठाकरे के परिवार में 5 बहुएं और 2 पोतियां
बाल साहेब ठाकरे की पत्नी मीनाताई थी। इनके तीन बेटे थे, मगर बहुएं पांच थीं। सबसे पहले बेटे बिंदुमाधव की शादी माधवी से हुई। दूसरे बेटे जयदेव ने तीन शादियां की। पहली पत्नी का नाम जयश्री कलेकर, दूसरी स्मिता और तीसरी पत्नी अनुराधा रहीं। सबसे छोटे बेटे उद्धव ठाकरे ने रश्मि से शादी की।

बाल ठाकरे की कोई बेटी नहीं थी, मगर उनकी तीन पोतियां रहीं। सबसे बड़े बेटे बिंदुमाधव की बेटी नेहा ठाकरे घर की सबसे बड़ी पोती हैं। इसके बाद जयदेव की तीसरी पत्नी अनुराधा से हुई बेटी माधुरी का नंबर आता है।

शिव सेना के अखबार की संपादक हैं उद्धव ठाकरे की पत्नी
उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे पेशे से पत्रकार हैं। वह बाल ठाकरे द्वारा साल 1988 में शुरू किए गए मराठी अखबार 'सामना' की संपादक हैं। शिव सेना की वीकली मैगजीन मार्मिक का काम भी देखती हैं। रश्मि और उद्धव ठाकरे ने साल 1989 में शादी की थी। रश्मि की दोस्ती राज ठाकरे की बहन जयवंती से थी। इसी बहाने उद्धव और रश्मि की मुलाकात हुई और बाद में दोनों ने शादी की।

BJP नेता की बेटी अंकिता पाटिल से बाल ठाकरे के पोते ने की थी शादी
भले ही भाजपा और शिवसेना पार्टी के राजनैतिक मैदान में कैसे भी रिश्ते रहे हों, मगर आपस में दोनों पार्टियों के पारिवारिक रिश्ते बरकरार हैं। बाल ठाकरे के पहले बेटे बिंदुमाधव (दिवंगत) के बेटे निहार ठाकरे की शादी महाराष्ट्र में भाजपा के दिग्गज नेता हर्षवर्धन पाटिल की बेटी अंकिता पाटिल से हुई। यह शादी 28 दिसंबर 2021 में मुंबई के बड़े होटल में की गई, जिसमें सिर्फ खास लोग ही शामिल थे।

शादी में राज ठाकरे का परिवार भी हुआ था शामिल।

शादी में राज ठाकरे का परिवार भी हुआ था शामिल।

दिलचस्प बात ये है कि अंकिता पाटिल ठाकरे भी राजनीति से जुड़ी हुई हैं। मगर वे न ही शिवसेना और न ही भाजपा पार्टी में शामिल हुई। असल में वह कांग्रेस पार्टी की टिकट से पुणे में जिला परिषद की सदस्य हैं। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन की डायरेक्टर हैं। जबकि निहार ठाकरे मुंबई में वकालत करते हैं और एक लॉ फर्म चलाते हैं। दोनों ने एक ही कॉलेज में पढ़ाई की, प्यार में पड़े और शादी के रिश्ते में बंध गए।

अंकिता के पिता हर्षवर्धन खुद भी लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहे हैं। उन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हुए थे।

बाल ठाकरे से मिलने के लिए बहू स्मिता से लेनी पड़ती थी इजाजत
शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के दूसरे बेटे जयदेव ठाकरे की दूसरी पत्नी थीं स्मिता ठाकरे। सामान्य परिवार में पैदा हुई स्मिता मुंबई में पासपोर्ट ऑफिस में रीसैप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। घर का खर्च चलाने के लिए ब्यूटी पार्लर भी चलाती थीं। इसी पार्लर में जयदेव की पहली पत्नी जयश्री आया करती थीं। स्मिता ने जयश्री से दोस्ती की और वह ठाकरे परिवार के घर 'मातोश्री' में आने-जाने लगी थीं। यहीं उनकी नजदीकियां जयदेव से बढ़ीं। जयश्री से तलाक लेकर जयदेव ने स्मिता से साल 1986 में दूसरी शादी की, मगर यह ज्यादा दिन नहीं चली और 2004 में दोनों ने तलाक ले लिया। जयदेव ने तीसरी शादी कर ली थी।

जयदेव की तीसरी शादी से बाल ठाकरे खुश नहीं थे उनसे नाराज भी रहने लगे थे।

जयदेव की तीसरी शादी से बाल ठाकरे खुश नहीं थे उनसे नाराज भी रहने लगे थे।

ऐसा भी कहा जाता है कि ठाकरे परिवार की इस बहू का इतना प्रभाव था कि एक समय पर बाल ठाकरे से मिलने के लिए लोगों को पहले स्मिता से परमिशन लेनी पड़ती थी। यहां तक की बाल ठाकरे ने अपनी वसीयत में स्मिता के बेटे ऐश्वर्य के नाम बंगले की पहली मंजिल की है। जिसकी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी स्मिता को दी गई। उस दौर में बाल ठाकरे और उनकी बहू स्मिता ठाकरे के बीच अफेयर की भी अफवाह काफी फैली थी।

पोती नेहा ठाकरे की पाकिस्तानी मुस्लिम लड़के से निकाह की उड़ी थी खबरें
शिवसेना को हिंदूवादी पार्टी माना जाता है। खासकर इसके संस्थापक बाल ठाकरे पाकिस्तान का काफी विरोध करते थे। यही कारण है कि उन्हें कई बार मुस्लिम विरोधी भी कहा जाता था। मगर एक समय पर उन्हीं की पोती की पाकिस्तानी मुस्लिम लड़के से निकाह की खबरें काफी फैली थी।

बाल ठाकरे के पहले बेटे बिंदू माधव ठाकरे की बेटी नेहा बाल ठाकरे की मुस्लिम युवक से शादी करने की खबर ने परिवार को संकट में डाल दिया था। यह खबरें पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से फैलाई गई थी। जब इस मामले में ठाकरे परिवार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नेहा की शादी मुस्लिम नहीं बल्कि गुजराती लड़के से हुई है।

नेहा की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे थे बाल ठाकरे।

नेहा की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे थे बाल ठाकरे।

नेहा ठाकरे एक ज्वैलरी डिज़ाइनर हैं। उनके पति डॉ मनन ठक्‍कर हैं। इस शादी में बाल ठाकरे समेत पूरे परिवार के सदस्‍य शामिल हुए थे। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या मनन ठक्‍कर का धर्म परिवर्तन कराया गया है तो ठाकरे परिवार ने इससे साफ इंकार कर दिया था।

पति राज ठाकरे को बचाने के लिए धरने पर बैठ गई थीं शर्मिला ठाकरे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे पार्टी की राजनीति में काफी एक्टिव हैं। मगर इसके साथ ही ठाकरे परिवार की एक आदर्श बहू भी हैं। मुंबई में टोल के मुद्दे पर मुंबई पुलिस ने राज ठाकरे को गिरफ्तार कर लिया था। उस दौरान पति को बचाने के लिए शर्मिला पुलिस स्टेशन के सामने धरने पर बैठ गई थीं, जिसके बाद पुलिस को राज ठाकरे को रिहा करना पड़ा था।

शर्मिला सोशल वर्क में एक्टिव रहती हैं और बॉलीवुड की सेलिब्रिटी पार्टी में भी नजर आती हैं।

शर्मिला सोशल वर्क में एक्टिव रहती हैं और बॉलीवुड की सेलिब्रिटी पार्टी में भी नजर आती हैं।

राज ठाकरे की मां जब बीमारी के चलते हॉस्पिटल में भर्ती थीं, उस दौरान शर्मिला उनसे मिलने आई थीं। शर्मिला को देखते ही राज की मां उन्हें घर की बहू के रूप में पसंद किया था। वह मनसे पार्टी की राजनीति के साथ ही अपने घर 'कृष्णा कुंज' के किचन को भी बखूबी संभालती हैं और एक आदर्श बहू हैं। शर्मिला ठाकरे एक फेमस मराठी थिएटर आर्टिस्ट हैं। एक्टर निर्माता और निर्देशक मोहन वाघ की बेटी हैं। राज और शर्मिला के दो बच्चे हैं।

जब राज ठाकरे की भाभी शालिनी ठाकरे ने गुजरात में मचाई थी हलचल
बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर अपनी पार्टी तैयार की थी। जिसमें उनकी पत्नी के साथ भाभी भी शामिल हुईं। शालिनी राज ठाकरे की भाभी हैं। वे उनके कजिन भाई जितेंद्र की पत्नी हैं। MNS की महासचिव भी रह चुकी हैं। राजनीति में कदम रखने पर उन्होंने दो बार विधायक का चुनाव लड़ा, मगर दोनों की बार हार का सामना करना पड़ा। वह साल 2009 और 2014 में MNS पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ी थीं।

शालिनी का जन्म उत्तर प्रदेश में एक सिख परिवार में हुआ था। उनके दादा भगत राम तलवार नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के करीबी माने जाते थे।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी से MBA की पढ़ाई कर चुकी शालिनी ने राजनीति में आने से पहले बिजनेस संभाला है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी से MBA की पढ़ाई कर चुकी शालिनी ने राजनीति में आने से पहले बिजनेस संभाला है।

शालिनी ने महाराष्ट्र में दुर्गा पूजा के चलते गरबे के दौरान गुजराती गाने न बजाने का फरमान जारी कर दिया था। इसके बाद काफी बवाल मचा था। उन्होंने कहा था कि मुंबई के अंधेरी से लेकर दहिसर तक 12 विधानसभा क्षेत्रों में गुजराती गाने नहीं बजेंगे। इस क्षेत्र में गुजरातियों की तादाद काफी है। इस वजह से गुजरात में शालिनी का विरोध भी हुआ।

उस पार्टी महासचिव शालिनी ठाकरे कहा था, 'गरबा गुजराती कल्चर का हिस्सा है। नवरात्र में इसका असर मुंबई में देखा जा सकता है, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि महाराष्ट्र में भी दुर्गा पूजा होती है। इसे हमारे यहां भोंडला कहा जाता है। गरबा की वजह से भोंडला का प्रभाव कम हो रहा है। इसलिए हम नवरात्र को अपने अंदाज में मनाना चाहते हैं।'