Fri, 5 Aug 2022

Haryana Politics: बीजेपी में शामिल होने के बाद कुलदीप बिश्नोई की पहली प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा कांग्रेस के बारे में

Haryana Politics: बीजेपी में शामिल होने के बाद कुलदीप बिश्नोई की पहली प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा कांग्रेस के बारे में

Kuldeep Bishnoi Joins BJP: बीजेपी में शामिल होने के बाद पूर्व कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शान में कसीदे गढ़े. उन्होंने बीजेपी के दामन थामने का कारण पीएम मोदी से प्रभावित होना बताया. उन्होंने मोदी को भारत का ‘‘सबसे बेहतरीन’’ प्रधानमंत्री बताया जो देश और गरीबों की तरक्की के लिए काम कर रहे हैं. इस मौके पर बिश्नोई ने कहा कि कांग्रेस इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की विचारधारा से बिल्कुल अलग हो गई है.
 

बिश्नोई ने कहा, "अगर कांग्रेस को बीजेपी का एक बार फिर मुकाबला करना है तो पार्टी की विचारधारा को फिर से जीवित करना होगा." कुलदीप बिश्नोई हरियाणा से चार बार विधायक और दो बार सांसद रहे हैं. आज उन्होंने पत्नी और पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई समेत बीजेपी का दामन थाम लिया. 
 

'बिना शर्त के बीजेपी में हुए शामिल'
 

राजधानी स्थित बीजेपी मुख्यालय में बिश्नोई ने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पार्टी महासचिव अरुण सिंह, राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और हरियाणा की बीजेपी इकाई के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर खट्टर ने बिश्नोई दंपती का बीजेपी में स्वागत करते हुए कहा कि कुलदीप बिश्नोई से लगातार संपर्क बनाए हुए थे और उन्होंने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का सहयोग किया. उन्होंने दावा किया कि बिश्नोई बिना किसी शर्त के बीजेपी में शामिल हुए हैं.
 

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जताई ये उम्मीद
 

बिश्नोई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के बेटे हैं. खट्टर ने कहा कि बिश्नोई के बीजेपी में आने से पार्टी को लाभ होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह बिश्नोई बीजेपी में शामिल हुए हैं ठीक उसी प्रकार बीजेपी भी उनमें समा जाएगी. धनखड़ ने बीजेपी परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि बिश्नोई समाज के प्रमुख नेता से बीजेपी हरियाणा समेत बीजेपी राजस्थान को भी फायदा होगा. बीजेपी की सदस्यता ग्रहण मौके पर बिश्नोई ने कहा कि उनका और बीजेपी का चोली-दामन का साथ रहा है. उन्होंने कहा कि तीन साल तक उनकी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) का बीजेपी के साथ गठबंधन रहा और इस दौरान कुछ मतभेदों के कारण गठबंधन टूट गया लेकिन बीजेपी के साथ कभी उनका ‘‘मनभेद’’ नहीं रहा. 
 

वर्ष 2005 में राज्य में कांग्रेस की जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर बिश्नोई और उनके पिता भजनलाल ने 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) बनाई थी. हजकां ने बाद में बीजेपी और दो अन्य दलों के साथ गठबंधन कर लिया था और 2014 का लोकसभा चुनाव हरियाणा में साथ लड़ा था. हालांकि, विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन टूट गया था. उन्होंने खट्टर की भी जमकर सराहना की और कहा कि आठ सालों से हरियाणा का मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनका दामन पाक साफ है और कोई आरोप नहीं है. 
 

गौरतलब है कि बिश्नोई कांग्रेस पार्टी से पहले से ही नाराज चल रहे थे. इस साल की शुरुआत में उन्हें कांग्रेस की हरियाणा इकाई के प्रमुख पद पर नियुक्त न किए जाने के बाद उन्होंने बगावती तेवर अपना लिए थे.  इसके बाद जून में हुए राज्यसभा चुनाव में 'क्रॉस वोटिंग' करने के कारण कांग्रेस ने बिश्नोई को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था. हरियाणा के हिसार जिले की आदमपुर सीट से 53 वर्षीय विधायक बिश्नोई ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई दूसरी बार कांग्रेस से नाता तोड़ रहे हैं. पार्टी से अलग होने के बाद करीब छह साल पहले ही दोबारा कांग्रेस से जुड़े थे.