Wed, 9 Jun 2021

क्य आपने जानते हैं बांग्लादेश में भी हैं हिन्दू मंदिर

क्य आपने जानते हैं बांग्लादेश में भी हैं हिन्दू मंदिर

बांग्लादेश दुनिया का वह भाग जो भारत देश के बहुत ही नजदीक एक देश है| वैसे तो बांग्लादेश की पहचान दुनिया भर में सबसे बड़े समुद्री तट के रूप में होती ही है पर इस देश में कुछ हिन्दू धर्म से जुड़े मंदिर भी हैं जो हमेशा ही चर्चित भी रहते हैं| आइये जानते हैं बांग्लादेश के कुछ हिन्दू प्रसिद्ध मंदिर|

क्य आपने जानते हैं बांग्लादेश में भी हैं हिन्दू मंदिर

1) ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर, ढाका
ढाकेश्वरी मंदिर यह बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित है| आस्था के इस स्थल को ढाका की सांस्कृतिक विरासत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है| कहा जाता है कि ढाकेश्वरी देवी के नाम से ही बांग्लादेश की राजधानी का नाम ढाका रखा गया था| हिन्दू धर्म के लोगों का इस मंदिर के प्रति अधिक विश्वास होने का कारण यह भी है कि ढाकेश्वरी मंदिर को माता के शक्तिपीठो में गिना जाता है| माता सती के इस स्थान पर आभूषण आकर गिरे थे| बताया जाता है कि भारत के विभाजन से पूर्व यह मंदिर भारत के धार्मिक समाज के लिए आस्था का सबसे बड़ा मुख्य केंद्र था| इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में सेन राजवंश के राजा बल्लाल सेन ने करवाया था| इस मंदिर में माता के दर्शन के लिए हर रोज हजारों लोग आते हैं|

क्य आपने जानते हैं बांग्लादेश में भी हैं हिन्दू मंदिर

2) रमना काली मंदिर, ढाका
हिन्दुओं के मुख्य मंदिरों में ढाका के रमना काली मंदिर को भी गिना जाता है| यह मंदिर “रमना कलिबारी” के नाम से भी जाना जाता है| ढाका में स्थित यह मंदिर हिन्दुओं की देवी माता काली को समर्पित किया गया है| इस धार्मिक स्थल के बारे में बताया जाता है कि 27 मार्च 1971 में पकिस्तानी सेना ने मुक्ति युद्ध के दौरान इस मंदिर को भी नष्ट कर दिया था| रमना काली मंदिर की स्थापना माता काली के भक्तों द्वारा की गयी थी| यह भक्त हिमालय से बांग्लादेश आये थे| वैसे तो मंदिर सदियों से विराजित है पर इसका 20वीं सदी की शुरुआत में यह काफी हद तक विकसित हुआ था| उस समय में यह मंदिर ढाका के सबसे ऊँचे स्थलों में से एक है| मंदिर के सामने एक बड़ा दिघी(पूल) भी मौजूद है जो कि पूजा करने वाले लोगों की बीच काफी लोकप्रिय है|

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3) आदिनाथ मंदिर, महेशकाली
आदिनाथ मंदिर बांग्लादेश के मेनक नामक पर्वत के शिकर पर जो की कॉक्स बाजार के तट पर महेशकाली द्वीप पर स्थित है| यह मंदिर बांग्लादेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है| मंदिर हिन्दुओं के भगवान शिव को समर्पित किया गया है, आदिनाथ शिव का एक अन्य रूप है| मंदिर की प्रसिद्धि का एक कारण यह भी है कि मेनक पर्वत के नीचे हर साल एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है| यह मेला बंगाली कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन के महीने में लगता है| यह भव्य मेला 13 दिनों तक चलता है| जिसमे बांग्लादेश में रह रहे हजारों हिन्दू लोग देखने आते हैं और मेले का लुत्फ़ उठाते हैं|

क्य आपने जानते हैं बांग्लादेश में भी हैं हिन्दू मंदिर

4) जॉय काली मंदिर, ढाका
हिन्दुओं के लिए बहुत ही पवित्र स्थान है यह मंदिर। यह मंदिर हिन्दुओं की देवी माता काली को समर्पित किया गया है| मंदिर में जो भी भक्तों द्वारा पैसे दान में दिए जाते हैं उन्हें मंदिर के सदस्यों द्वारा एकत्रित करके किसी समरोह में प्रसाद के रूप में इस्तेमाल में लाया जाता है| यह मंदिर बांग्लादेश के प्राचीन मंदिरों में से एक है इस मंदिर की स्थापना 400 वर्ष पहले हुई थी | नवाबों के शासन कल के दौरान, नवाबों के दीवान तुलसी नारायण घोष और नभ नारयण घोष ने इस मंदिर की स्थापना की थी| उस समय मंदिर के भीतर भवन शिव, काली, लक्ष्मीनारायण इत्यादि हिन्दुओं के देवी देवताओं की प्रतिमायें विराजित की गयी थी| जॉय काली परिसर में बहुत ही खूबसूरत शिव का मंदिर, पंचरत्न, मेहमान कक्ष आदि बनाये थे| वास्तव में अंतर्गत दो मंदिर बने हैं एक देवी काली का है और दूसरा एक गुबंद है जो कि शिव भगवान का है| गुबंद की ख़ास बात यह है कि ये प्लास्टर द्वारा निर्मित है और बाहर से दिखाई देता है| मंदिर के चारों और दीवारों पर अन्य देवी देवताओं की तस्वीरें मौजूद हैं| मंदिर के प्रवेश द्वार पर “ओम” का चिन्ह बना हुआ है| जिसे हिन्दू धर्म में दिव्य का प्रतीक समझा जाता है|