Sun, 4 Jul 2021

क्या नेपाल के इन हिंदू मंदिरों के बारे में जानते हैं आप, होती है हर मन्नत पुरी?

क्या नेपाल के इन हिंदू मंदिरों के बारे में जानते हैं आप,  होती है हर मन्नत पुरी?

नेपाल देश जो कि भारत की सिमा के बहुत ही नजदीक है| यह देश अपनी हस्तकला के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, जिसे देख कर लोग मोहित हो जाते है पर इस देश में कुछ हिन्दू मंदिर भी हैं| जिनके दीदार के लिए लोग अक्सर नेपाल जाते हैं| इन प्रसिद्ध मंदिरों का विस्तार से वर्णन इस प्रकार है:-

1) पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू

नेपाल की इस धरती पर हिन्दुओं के भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर नेपाल देश की राजधानी काठमांडू की बागमती नदी के किनारे देव पाटन नामक गाँव में स्थित है| हिन्दू धर्म के लोगों के लिए यह बहुत ही पवित्र स्थल है| मात्र इस मंदिर के अंदर जाने से ऐसा प्रतीत होने लगता है कि आप भारत के ही किसी भाग में मौजूद हैं| जिसका कारण है यहां भारत की संस्कृति और संस्कारों की कुछ झलकियां देखने को मिलती हैं| शिव भगवान के इस मंदिर की खास बात यह है कि इसे यूनेस्को विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थल की सूचि में दर्जा प्राप्त है| दर्शन के लिए मंदिर में एक नियम है कि पशुपतिनाथ मंदिर में आस्था रखने वाले लोग, मुख्य रूप से हिन्दू धर्म के लोग ही मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं अन्य किसी धर्म के इंसान और सैलानी को मंदिर में जाने की आज्ञा नही है वे केवल बागमती नदी के दूसरे किनारे से मंदिर को देख सकते हैं| नेपाल में अन्य शिव मंदिरों की अपेक्षा इसे सबसे ज्यादा प्रमुख और पवित्र स्थल माना जाता है| इस मंदिर का पूर्ण निर्माण 1697 नरेश भूपलेंद्र मल्ला ने किया था|

क्या नेपाल के इन हिंदू मंदिरों के बारे में जानते हैं आप,  होती है हर मन्नत पुरी?

2) राम जानकी मंदिर, जनकपुर

नेपाल में बहुत से प्राचीन मंदिर भी हैं जिनमें से एक है राम जानकी मंदिर यह नेपाल देश के जनकपुर में स्थित है| इस मंदिर को हिन्दुओं की देवी माता सीता को समर्पित किया हुआ है| आस्था का यह स्थल 4860 वर्ग फिट में फैला हुआ है| इस विशालकाय मंदिर को बनाने में काफी लम्बा वक्त लगा है इसे 1895 में निर्मित करवाना शुरू किया था और 1911 में यह पूर्ण रूप से तैयार हो पाया| नेपाल की सुंदरता में चार चाँद लगाने वाले इस मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 115 कुण्ड एवं सरोवर हैं| इस भव्य मंदिर के निर्माण का श्रय रानी वृषभानु कुमारी को जाता है| उस समय इस मंदिर में जितनी लागत लगी थी वह आज के नौ लाख रुपए के बराबर है शायद इसी कारण स्थानीय लोग इस मंदिर को नौलखा मंदिर के नाम से भी पुकारते हैं| इस मंदिर के प्रति मान्यता है कि राजा जनक ने इसी स्थान पर शिव धनुष के लिए तपस्या की थी|

3) मनकामना मंदिर, गोरखा नेपाल

हिन्दुओं में देवियों के अनेक रूप हुए हैं उन्हें में से एक रूप के दर्शन नेपाल के गोरखा नामक जिले में भी देखने को मिलता है| हिन्दुओं के इस मंदिर को मनकामना नाम से जाना जाता है| इस मंदिर का यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि लोगों का मानना है कि इस मंदिर में सच्ची श्रद्धा से माथा टेकने पर मन की हर कामना पूर्ण होती है| मंदिर परिसर में हिन्दुओं के विशेष त्यौहार दशहरे के दिन बहुत ही अधिक संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिलती है| मंदिर से जुड़ी एक और बात आपको  हैरान करने वाली लगेगी कि  इस मंदिर में हर अष्टमी को बलि दी जाती हैं|