Mon, 20 Jun 2022

सरकार ला रही है नियम, कर्मचारियों को पुराने तरीके से नहीं मिलेगी सैलरी, जानिए फायदा?

सरकार ला रही है नियम, कर्मचारियों को पुराने तरीके से नहीं मिलेगी सैलरी, जानिए फायदा?

नई दिल्ली: 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खास खबर है। दरअसल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर नया अपडेट आया है। सरकार वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा करती है। सरकार इन्हें महंगाई भत्ते के रूप में फायदा देती है।

हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी की थी। अब इस बीच सरकार कर्मचारियों को एक और खुशखबरी दे सकती है। जानकारी के मुताबिक सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए नया फार्मूला ला सकती है।

आपको बता दें कि भूतपूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने जुलाई 2016 में ही वेतन आयोग को लेकर कहा था कि सैलरी में बढ़ोतरी वेतन आयोग के अनुसार बल्कि नए पैमाने के अनुसार होनी चाहिए।

वहीं जानकारी के मुताबिक सरकार अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया वेतन आयोग नहीं लाने वाली है। अब सरकार ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जिसमें कर्मचारियों की सैलरी उनकी परफॉर्मेंस (Performance linked increment) के आधार पर बढ़ाई जा सके।

आपको बता दें कि सरकार अब ऐसी व्यवस्था लाने पर विचार कर रही है जिससे 68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशनधारकों को 50 % से ज्यादा DA होने पर सैलरी में ऑटोमैटिक रिविजन हो जाए।

इसके लिए सरकार ‘ऑटोमैटिक पे रिविजन सिस्टम’ बनाने का सोच रही है। आपको बता दें कि इस फॉर्मूले से मध्य-स्तरीय कर्मचारियों के स्तर पर वेतन में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दिखाई देगी। वहीं निम्न स्तर के कर्मचारियों को इसमें फायदा हो सकता है।

कितना मिलेगा लाभ?

पे लेवल मैट्रिक्स 1 से 5 वाले केंद्रीय कर्मचारी को उनकी कम से कम सैलरी 21 हजार के बीच हो सकती है। नरेंद्र मोदी सरकार अगले वेतन आयोग के पक्ष में नहीं है। वेतन आयोग का ट्रेंड देखें तो हर 8-10 साल के बीच इसे लागू किया जाता है। लेकिन, इस बार इसे बदलकर साल 2024 में नए फॉर्मूला को लागू किया जा सकता है।

फिटमेंट फैक्टर में नहीं होगी बढ़ोतरी:

आपको बता दें कि मीडिया में खबरें चल रही हैं कि सरकार जल्द ही केंद्रीय कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर बढ़ा सकती है। वहीं अब सूत्रों के अनुसार साल 2022 में फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी नहीं होगी। दरअसल कोविड के आने बाद आर्थिक स्थिति में बदलाव हुआ हुए फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने से सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए सरकार अभी फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। वहीं सरकार लगातार इस पर काम कर रही है कि कोई ऐसा फॉर्मूला बनाया जाए, जिससे समय-समय पर सैलरी में इजाफा होता रहे।