Sat, 6 Aug 2022

सैंकड़ों साल पहले के साधु ने दिया अपनी समाधि का प्रमाण, गुसाईयाना गांव फिर आया चर्चा में, जाने पूरी खबर

सैंकड़ों साल पहले के साधु ने दिया अपनी समाधि का प्रमाण, गुसाईयाना गांव फिर आया चर्चा में, जाने पूरी खबर

 

सिरसा जिले के गावं गुसाईंना में पुराने कुँए के पास बने सेंकडों साल पुराने अखाड़े में बीते दिनों बारिश के कारण एक चमत्कार हुआ, चर्चा यह हैं की 30 से 40 फीट बने मिटटी के टीले में बारिश के कारण कुछ हिस्से की मिटटी खिसकी जिससे यहाँ किसी समय में किसी साधू ने समाधि ली हुई थी जो अब सेंकडो सालों बाद कंकाल के रूप में बाहर दिखाई देने लगी हैं.


ग्रामीणों से बातचीत में पता चला की काफी पुराने समय की बात हैं यहां एक बहुत ही क्रोधित स्वभाव के महाराज रहा करते थे जिन्होंने गावं पर आने वाली कोई बड़ी विपदा से बचाने के लिए जीवित समाधि ली थी, हालाँकि यह अभी स्पष्ट नही कहा जा सकता की वास्तव में उन्होंने जीवित समाधि ली थी.

 
कंकाल कितने साल पुराना हैं इसकी पुष्टि नही हुई हैं और ना ही पुरातत्व विभाग को इसकी कोई सुचना दी गयी हैं, लेकिन गावं के बुजुर्गो की माने तो यह कम से कम ३०० से अधिक साल पुराना साधू का कंकाल हैं. जिनका नाम प्रेमदास जी महाराज था और आज भी उनका कंकाल जो अब तक ज्यो की त्यों सुरक्षित पड़ा हुआ हैं, लोग देखने के लिए भी आने जाने लगे हैं.


तस्वीरों में आप देख सकते हैं की यहाँ एक मन्दिर भी बना हुआ हैं जो हाल ही में पिछले 7 साल पहले बनाया गया था, समाधि की फोटो देखे तो साधू का कंकाल बेठे हुए समाधि में हैं और जब इन्होने समाधि ली थी तब इनके सर पर एक घड़ा भी लगाया गया था.