Mon, 6 Dec 2021

जानिए सर्दियों में क्यों आता है heart attack और Heart के मरीज कैसे रखें अपना ध्यान

जानिए सर्दियों में क्यों आता है heart attack और Heart के मरीज कैसे रखें अपना ध्यान

सर्दियों का मौसम कई तरह से दिल पर बुरा असर डालता है. यह हमारी रक्त वाहिकाओं में सिकुड़न पैदा करता है. इससे रक्त हमारे दिमाग और किडनियों जैसे अहम अंगों तक चला जाता है. इससे शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए पहले से ही कमज़ोर हो चुके दिल को और ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है. यह ब्लड प्रेशर बढ़ाने की भी वजह बनता है. डॉ. तिलक सुवर्णा कुछ लोग सर्दियों में चर्बियां बढ़ाने वाली चीज़ें और घी ज्यादा खाने लग जाते हैं. इससे उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है. मौसम में ठंड की वजह से शारीरिक श्रम और व्यायाम कम हो जाता है. इस वजह से हमारा खून जमने लगता है. इसमें थक्के बनने लगते हैं. यह दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक आने की वजह बनता है. सर्दियों में हवाओं में प्रदूषण बढ़ जाता है. इनफ्लूएंजा या फ्लू की घटनाएं बढ़ने लगती हैं. ये दिल से जुड़ी तकलीफों को बढ़ा देती हैं.

स्वस्थ खाना

सर्दियों में अपने दिल की सेहत से समझौता ना करें. दिल की सेहत को बेहतर रखने वाली चीज़ें खाएं. अपने खाने में आप फल, सलाद औरसब्जियां, फाइबर युक्त अनाज, अखरोट और मछलियों का सेवन करें. सैचुरेटेड फैट युक्त खाने की चीज़ें, ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल और मिठाइयों के सेवन से बचें. ये दिल पर अनावश्यक दबाव बढ़ाते हैं. हमेशा अपने खान-पान में गर्म चीज़ों का सेवन करें. ये आपके शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए आवश्यक उर्जा देते हैं. एक कटोरी सब्जियों का सूप स्वस्थ और पर्याप्त आहार हो सकता है.

गर्म रहना

कड़ाके की ठंड में घर को गर्म रखें और जितना हो सके घर में ही रहें. ख़ुद को गर्म रखने के लिए किसी एक ही मोटे पहनावे की बजाए दो-तीनलिबासों को पहना करें. इनकी अलग-अलग परतों से सर्द हवाएं अंदर तक नहीं पहुंच पाएंगी और आपको ठंड से सुरक्षा मिलेगी.

सक्रिय रहना

शरीर और हृदय को सुडौल बनाए रखना बेहद ज़रूरी है. घर के अंदर रह कर भी नियमित व्यायाम करते रहें. सर्दियों में जब हवाओं में धुंध या कुहासा हो तो सुबह-सुबह बाहर टहलने जाने को नज़रअंदाज़ करना बेहतर हो सकता है.

 

दवाइयों का ध्यान

अपनी दवाइयों का पर्याप्त ध्यान रखना भी ज़रूरी है. ऐसा ना हो कि ठंड का कहर आपको दवाइयों की दुकान तक जाने से रोके और आपअपनी ज़रूरी दवाइयां लेने से चूक जाएं. अपने डॉक्टर के पास रेगुलर फॉलो-अप के लिए जाने में कोताही ना बरतें.