Sun, 6 Feb 2022

लता के निधन के बाद शोक में डूबा देश, शांत हुई स्वर सरस्वती

लता के निधन के बाद शोक में डूबा देश, शांत हुई स्वर सरस्वती

सिंगर लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. लता मंगेशकर एक महीने से अस्पताल में एडमिट थीं. उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी अपने अंतिम समय में लता क्या कर रही थीं इस बारे में वॉइसओवर आर्टिस्ट हरीश भिमानी ने बताया है. वे लता के निधन पर काफी भावुक नजर आए.

पिता को अंतिम दिनों में किया याद

 

 

लता के निधन के बाद शोक में डूबा देश, शांत हुई स्वर सरस्वती

हरीश को लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि लता अपने अंतिम दिनों में पिता दीनानाथ मंगेशकर को याद कर रही थीं जो एक नाट्य गायक थे. लता अपने पिता की रिकॉर्डिंग्स मंगवाकर उन्हें सुन रही थीं और उसे गाने की कोशिश भी करती थीं. मौत से दो दिन पहले अस्पताल में ईयरफोन मंगवाया था. उन्हें मास्क हटाने के लिए मना किया गया था फिर भी वे मास्क हटाकर गाती थीं. बता दें कि लता मंगेशकर अपने पिता की काफी इज्जत करती थीं और उन्हें गुरू मानती थीं.

 

अपने गाने सुनने से घबराती थीं लता

बड़े ताज्जुब की बात है मगर सच है कि सिंगर अपने गाने सुनना पसंद नहीं करती थीं. वे इससे घबराती थीं. इसके पीछे की वजह बताते हुए हरीश भिमानी ने बताया था कि लता मंगेशकर अपने गाने जब सुनती थीं तो अपनी गलती पकड़ लेती थीं. जब वे अपने गाने में कोई गलती पकड़ती तो वे काफी दुखी हो जातीं. वे कहतीं कि बड़े-बड़े संगीतकार उनके गाने को सुनेंगे और कमियां निकलेगी तो जाने क्या सोचेंगे. वे ये सोच-सोचकर बेचैन हो जातीं.