Tue, 22 Jun 2021

इस इलाके में रहना हुआ मुश्किल, पत्रकार को बनाया गया निशाना, जाने पूरा मामला

इस इलाके में रहना हुआ मुश्किल, पत्रकार को बनाया गया निशाना, जाने पूरा मामला

बढ़ते अपराध लगातार समाज में रह रहे आम लोगों की चिंता का कारण बन रहा है | अपराधी भोले भाले लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं | ऐसा ही एक मामला दिल्ली से सटे नोएडा से भी सामने आया जहां बदमाशों ने एक निजी चैनल के पत्रकार को अपना निशाना बनाते हुए उससे तमंचे के दम पर लूट की वारदात को अंजाम दिया |

इस इलाके में रहना हुआ मुश्किल, पत्रकार को बनाया गया निशाना, जाने पूरा मामला

पत्रकार ने अपने साथ हुई वारदात का जिक्र सोशल मीडिया पर भी किया है | मिली जानकारी के साथ घटना ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र के नोएडा एक्सटेंशन की है|

निजी चेनल के पत्रकार ने अपने साथ ही वारदात का जिक्र करते हुए लिखा कि ’19 जून 2021 की रात करीब 1 बजे, नोएडा एक्सटेंशन के राइज़ पुलिस चौकी के पास से मैं गुज़र रहा था, मेरी सफारी स्टॉर्म कार का म्यूज़िक गड़बड़ कर रहा था तो मैंने कार रोकी और गानों वाली पेन ड्राइव को लगाने लगा, पुलिस चौकी से तकरीबन 250-300 मीटर की दूरी पर मैं रहा होऊंगा.’

तभी ‘अचानक से 2 मोटर साइकिलों पर सवार 5 लड़के वहां आ पहुंचे औऱ एक बाइक मेरी कार के आगे और दूसरी ड्राइविंग डोर की साइड में लगा दी|सभी लड़कों ने मास्क लगाया हुआ था. एक काफी लंबा लड़का, लंबाई लगभग 6’4″ फीट के ऊपर ही रही होगी, सबसे पहले बाइक से उतरा और मेरी तरफ का दरवाज़ा ज़ोर से खींचा.’

इस इलाके में रहना हुआ मुश्किल, पत्रकार को बनाया गया निशाना, जाने पूरा मामला

 ‘दरवाज़ा लॉक था इसलिए खुला नहीं. तो उसने खिड़की के शीशे पर ज़ोर से ठोंका और नीचे करने का हुकुम दिया. मैंने नीचे करने में आना-कानी की तो उसने पिस्तौल निकाल ली. मेरे पास उसका आदेश मानने के सिवाय और कोई चारा नहीं था. मैंने दरवाज़ा खोल दिया. उसने गन-प्वाइंट पर मुझे नीचे उतार दिया.’

आगे पत्रकार ने लिखा, ‘पांचों लड़के मेरी गाड़ी में बैठ गए. कार में बैठे लड़के ने मुझे पिस्तौल दिखाते हुए कहा कि चल चेन, अंगूठी, घड़ी और रुपये निकाल. मोबाइल दे अपना. मैंने अपने सारे पैसे (जो मैंने गिने नहीं मगर करीब 5-6 हज़ार रुपये होंगे) उसे दे दिए. मैंने कहा कि सोने से मुझे एलर्ज़ी है. इसीलिए चेन और अंगूठी तो मैं नहीं पहनता हूं.’

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आगे पत्रकार ने लिखा, ‘मेरी हालत पस्त हो चुकी थी| पैर कांप रहे थे| मैंने फिर से हाथ जोड़ कर जान बख्शने की विनती की. अपने छोटे से बेटे की दुहाई दी| तब वो कार से नीचे उतरा और मेरी कॉलर पकड़ कर, गुर्राते हुए बोला कि अगर ज्यादा होशियारी दिखाई तो सबकी जान जाएगी. उसने मेरा फोन कार की सीट पर फेंक दिया और चले गए|

फिलहाल इस मामले में अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज की गई है, लेकिन पत्रकार का सोशल मीडिया पोस्ट खूब वायरल हो रहा है| इससे नोएडा की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहा है, जिसे सुधारने के लिए कमिश्नरी प्रणाली भी लागू की गई है|