Fri, 28 May 2021

fd क्या होता है?

fd क्या होता है?

दरहसल हम जब भी बैंकों में जाते हैं और उनसे अपना खाता खुलवाने के बारे में बात करते हैं तो आमतौर पर हमे मात्र दो प्रकार के बैंकों की जानकारी दी जाती है या तो सेविंग या करंट अकाउंट| जिसके लिए बैंक अपने ग्राहकों को एक तय सीमा के अनुरूप ब्याज के रूप में कुछ पैसे भी देता है| ये दोनों तरह के अकाउंट बैंक प्रणाली का एक प्रमुख और विशेष हिस्सा है| लेकिन हम आपको बता दें कि भारतीय  बैंकों में इसी तरह अनेक तरह के अकाउंट खोले जाते हैं जिस का लाभ उठाकर लोग अपने आप को आर्थिक रूप से मजबूत करते हैं| पर आज भी अधिकतर लोग इस  जानकारी से अनजान है कि बैंकों में और किस तरह के अकॉउंट खुलवाए जा सकते हैं व कैसे उन अकाउंट से लाभवन्ति हो सकते हैं| इसी श्रेणी में आज हम आप को फिक्स्ड डिपाजिट से संबंधित सभी जानकारियां देने जा रहे हैं की फिक्स्ड डिपॉजिट क्या होता है? इसके फायदे क्या होते हैं? बैंकों से कितना प्रतिशित ब्याज प्राप्त होता है? आइये जानते है इन सभी जवाबों के उचित जवाब ?

फिक्स्ड डिपाजिट क्या है?

फिक्स्ड डिपाजिट से तात्पर्य एक ऐसी धन राशि से है जिसमे लोग अपनी जमा पूंजी के कुछ पैसों को एक निश्चित समय के लिए बैंकों में जमा करवाते हैं| जिसे बैंक की भाषा में फिक्स्ड डिपॉजिट कहा जाता है| भारत में यह धन बैंकों में सात दिन से लेकर के दस साल तक जमा किया जाता है जिसके साथ ही बैंक इसके लिए जमाकर्ता को तय ब्याज दर के हिसाब से कुछ पैसे भी देती है| लेकिन बैंक में लम्बे समय तक पैसों को जमा करवाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की आप जमा पैसों को जितने भी समय या दिनों के लिए बैंक में जमा करवा रहे हैं उस से  पहले नहीं निकलवाएंगे क्योंकि ऐसा करने पर आप को बैंक द्वारा तय ब्याज से कम ब्याज दिया जाता ही या फिर प्लेंटी भी लगाई जा सकती है| पर आप किसी जरूरी परिस्थति के समय अपने फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट में जमा धन राशि को निकलवा भी सकते हैं|

फिक्स्ड डिपाजिट के फायदे

सुरक्षित निवेश :- फिक्स्ड  डिपाजिट का सबसे पहला फायदा यह होता है कि व्यक्ति द्वारा बैंक में जमा राशि  बिलकुल सुरक्षित होती है क्योंकि फिक्स्ड डिपाजिट से संबंधित सभी काम एक औपचारिक कागजी दस्तावेजों को मद्देनजर रख कर किया जाता है व साथ ही भारत में बैंकों को एक भरोसेमंद तंत्र के रूप में माना जाता है| जिसके कारण आपकी जमा राशि को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंच सकता है व आप के पैसे लम्बे समय तक बैंकों में जमा रहते हैं|  आप के  द्वारा निवेश पैसा भविष्य में जोखिम रहित हो जाता है| सुरक्षित निवेश होने का एक कारण यह है भी है की व्यक्ति और बैंक के बीच में कोई अन्य बाहरी इंसान का लिंक नहीं होता है जिस से की कोई भी आपके पैसे लेकर नहीं भाग सकता है|

पैसे से पैसा:- फिक्स्ड डिपाजिट का एक अन्य फायदा यह भी की आप जो भी पैसे बैंक में जमा करवाते हैं| आप के समय सीमा पूर्ण हो जाने के बाद बैंक आप को ब्याज के रूप में आप का जमा पैसा दे देता है| जिस से आप को लाभ पहुंचता है व आप के निवेश पैसे से ही आप और आर्थिक मजबूत हो जाते हैं|

सीनियर सिटीजन को अधिक फायदा:- बैंक प्रणाली की अनुसार बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट करवाने वाले हर शख्स को ब्याज दिया जाता है पर अगर कोई बुजुर्ग अपना पैसा बैंक में जमा करता है तो बैंक उसे आम ब्याज दर से ज्यादा पैसा देता है| उदाहरण के लिए अगर किसी किशोर व्यक्ति को 7 प्रतिशित दर के हिसाब से ब्याज के साथ पैसा दिया जाता है तो वहीँ अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति को 7.5 की दर के हिसाब से ब्याज दिया जायेगा|

मुसीबत में लाभदायक  निवेश :- फिक्स्ड डिपाजिट एक ऐसा निवेश है जिस का प्रयोग आप अपने मुसीबत की परिस्थति में भी कर सकते हैं| अगर आप ने फिक्स्ड डिपाजिट को दस साल के लिए जमा करवाया है तब आप अपनी जरूरत के हिसाब से बीच में कभी भी अपना जमा पैसा निकलवा कर उसका प्रयोग कर सकते हैं|

सेविंग और करंट अकाउंट से अधीक ब्याज:- फिक्स्ड डिपाजिट की अगर बात की जाये तो इसका एक विशेष लाभ यह भी है कि इसमें जमा धनराशि पर सेविंग और करंट अकाउंट की अपेक्षा ज्यादा ब्याज प्राप्त होता है| जहां अगर सेविंग अकाउंट पर 3 या 4 दर के हिसाब से ब्याज दिया जाता वहीं फिक्स्ड डिपाजिट में 7 से 8 दर के अनुरूप ग्राहक को ब्याज दिया जाता है|

लोन और क्रेडिट कार्ड में सुविधा:- ब्याज के साथ साथ भारत में कुछ बैंक ऐसे भी हैं जो आप को फिक्स्ड डिपाजिट के बदले  जरूरत पड़ने पर सामान्य ब्याज दर से कम में लोन देते हैं साथ ही क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मोहिया करवाते हैं जिसका इस्तेमाल आप आपने निजी कामों के लिए कर सकते हैं|

ब्याज दरों में मार्किट के हिसाब से बदलाव आते जाते रहते हैं| यहां पर कुछ लोकप्रिय बैंकों की फिक्स्ड डिपाजिट पर ब्याज दरों की जानकारी दी जा रही है जो की एक करोड़ तक की जमा निवेश के अनुरूप है|