Mon, 11 Jul 2022

ऑटो चालक का बेटा बैडमिंटन में बना राष्ट्रीय पदक विजेता ​​​​​​

ऑटो चालक का बेटा बैडमिंटन में बना राष्ट्रीय पदक विजेता

कहा जाता हैं जब हौंसला बना लिया ऊंची उड़ान का फिर देखना फिजूल है कद आसमान का… ऐसा ही कर दिखाया है दादरी के ईशान रोहिल्ला ने। ईशान के पिता चंद्रप्रकाश पेशे से एक ऑटो चालक है। ऑटो से ही उनके परिवार का भरण पोषण होता है।

ईशान गरीब परिवार से संबंध रखता है। लेकिन ईशान के पिता ने उसका हर कदम पर हौसला बढ़ाया है और उसका साथ दिया है। ईशान ने अपनी कड़ी मेहनत से अब तक दर्जनों राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुका है। अब ईशान का सपना है की वो उसका लक्ष्य है कि ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करें और देश का नाम रोशन करे।

कब से की शुरुआत

बता दे कि ईशान ने साल 2014 में कोच अरुण सैनी से बैडमिंटन खिलने की शुरुआत की थी। फिलहाल ईशान बहादुरगढ़ के सीनियर कोच सुरेंद्र राठी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। ईशान ने अब तक अंडर 15 आयुवर्ग से लेकर सीनियर रैंक तक के गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। स्टेट चैंपियनशिप डबल्स में 2 बार रनर अप रह चुका है।

मिक्स डबल्स में अपने पार्टनर के साथ मिलकर आल इंडिया लेवल पर छठे पायदान पर पहुंच चुका है। ईशान अब तक जिला, राज्य,नेशनल लेवल पर 20 स्वर्ण,15 रजत,10 कास्य पदक हासिल कर चुका है। उसकी कोशिश है कि आगे भी वो अपनी कड़ी मेहनत से देश और राज्य का नाम रोशन कर सके