Tue, 19 Jul 2022

हरियाणा से गुजरेगा रेलवे का ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, देखे किन जिलों होगा फायदा ​​​​​​

हरियाणा से गुजरेगा रेलवे का ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, देखे किन जिलों होगा फायदा

यमुनानगर | हरियाणा के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेलवे का ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरेगा। इससे व्यापार के क्षेत्र में हरियाणा प्रदेश को कई मायनों में फायदा मिलेगा।  रेलवे के इस कॉरिडोर का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है, बाकी बचे हुए काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। 

पश्चिम बंगाल के धनकुनी से लुधियाना तक 1856 किलोमीटर लंबा मालगाड़ियों के अलग ट्रैक के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। जुलाई 2016 में काम शुरू हुआ था। कार्य पहले 2022 में पूरा होना था, लेकिन अब साल 2023 में पूरा होने की बात कही जा रही है। निर्माण के लिए अंबाला प्रोजेक्ट के अधीन पिलखनी से लुधियाना तक 175 किमी. लंबे ट्रैक का निर्माण होना है, जो काफी पूरा हो चुका है। कारिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। लाइन पर मालगाड़ियां निरंतर चल सकें, इसलिए लाइन पर लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी। जहां-जहां पर फाटक थे, उन पर अंडर और ओवरब्रिज बनाने का काम चल रहा है।

समय पर पहुंचेगा माल 

ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होने से सबसे ज्यादा प्लाईवुड और मेटल के व्यापारियों को फायदा होगा। बेहद ही कम समय में सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे व्यापार में भी काफी लाभ होगा। वर्तमान स्थिति को देखें तो यमुनानगर के व्यापारी माल भेजने के लिए रेवाड़ी में वेस्टर्न फ्रेट कारिडोर पर शुरू हुए इनलैंड कंटेनर डिपो का सहारा ले रहे हैं। जहां रेलवे के माध्यम से 25 प्रतिशत माल यमुनानगर-जगाधरी के व्यापारियों का जाता है। वहां से केवल एक ट्रेन जाने से यमुनानगर से ज्यादा माल नहीं जा पा रहा, लेकिन यमुनानगर में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर पर इनलैंड कंटेनर डिपो बनने से 90 प्रतिशत माल रेलवे के माध्यम से गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल समेत अन्य राज्यों में समय पर पहुंचने लगेगा। जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही रेलवे लाइन का काम पूरा होगा, वैसे ही कंटेनर डिपो भी शुरू हो जाएगा।