Fri, 24 Jun 2022

हरियाणा में सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ स्कीम का विरोध किसान आंदोलन हरियाणा पंचायतों

हरियाणा में सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ स्कीम का विरोध किसान आंदोलन हरियाणा पंचायतों

हरियाणा में सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ स्कीम का विरोध किसान आंदोलन जैसी राह पर बढ़ता दिख रहा है। हरियाणा की कुछ खाप पंचायतों के नेताओं ने अपील की है कि अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती के लिए आवेदन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए। यही नहीं खाप नेताओं ने भाजपा और जननायक जनता पार्टी के नेताओं के विरोध का भी आह्वान किया है। इसके अलावा स्कीम का सपोर्ट करने वाले कॉरपोरेट घरों के भी विरोध की अपील की गई है। बता दें कि आनंद महिंद्रा समेत कई कारोबारियों ने इस स्कीम का समर्थन किया है और अग्निवीर के तौर पर सेवामुक्त होने वाले युवाओं को नौकरी देने का भरोसा दिलाया है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला कस्बे में खाप पंचायतों और कुछ अन्य समुदायों के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से आए नेता शामिल हुए। इसके अलावा कुछ छात्र संगठनों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इस मीटिंग की अध्यक्षता करने वाले धनखड़ खाप के नेता ओपी धनखड़ ने कहा कि हम उन लोगों को समाज में अलग-थलग करने का प्रयास करेंगे, जो इस स्कीम के तहत नौकरी के लिए आवेदन करेगा। हम इस स्कीम का विरोध कर रहे हैं, जो अग्निवीर के नाम पर युवाओं को मजदूर बनाने की कोशिश है। 

क्या इस स्कीम के तहत आवेदन करने वालों का बायकॉट किया जाएगा? इस सवाल पर धनखड़ ने कहा कि हम बायकॉट शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, लेकिन उनसे सामाजिक दूरी रखी जाएगी। दरअसल सेना ने अग्निवीरों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और इसके लिए जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। योजना के मुताबिक अग्निवीर के तौर पर भर्ती होने वाले लोगों का कार्यकाल 4 वर्ष का होगा और उसके बाद 75 फीसदी को सेवामुक्त कर दिया जाएगा बाकी 25 फीसदी लोगों को नियमित सैनिक के तौर पर भर्ती किया जाएगा। 

कई राज्यों में क्यों स्कीम का हो रहा है विरोध प्रदर्शन

हालांकि सेवामुक्त होने वाले 75 फीसदी सैनिकों एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिसके आधार पर तमाम सरकारी सेवाओं और अर्ध सैनिक बलों की भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की ओर से इन ऐलानों के बाद भी यूपी, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में इस स्कीम का विरोध हो रहा है।